Case Stories

नगर पालिका: उदयपुर

जिला: उदयपुर

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नाम: सविता देवी, पति: कालू लाल

ग्राम: चिकलवास ग्राम पंचायत: कानपुर पंचायत समिति: खेरवाड जिला: उदयपुर

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ग्राम: बारोलिया

ग्राम पंचायत: मालपुर पंचायत समिति: सलूम्बर जिला: उदयपुर

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नाम: मुकेश

नगर परिषद: कुशलगढ

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गाँव: वीरपुर

ग्राम पंचायत: बीलडी तहसील: डूंगरपुर जिला: डूंगरपुर

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ग्राम: वनेलाबाडा, सागडंगरी, किकापाड़ा, वाडलीपाडा

ग्राम पंचायत: वनेलाबाडा पंचायत समिति: बागीदोरा जिला: बाँसवाडा

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रामदयाल, पिता: प्रभु लाल – बून्दी

रामदयाल पिछले 10-12 सालों से सिलिकोसिस की बीमारी से पीड़ित है. रामदयाल पारणा में पत्थरों की ख़ान पर काम करता है. जब उसे श्वास लेने में तकलीफ़ हुई और वह बीमार पड़डॉक्टर के पास गया, तब डॉक्टर ने उसे टी. बी. बताकर टी. बी. की दवाइयाँ शुरू कर दी. लगभग 2004 से 2015 तक टी. बी. की दवाइयाँ ली पर जब आराम नहीं पड़ा तब रामदयाल ने 2015 में मेडिकल कॉलेज, कोटा, में जाँच करवाई तो पता चला की उसे सिलिकोसिस की बीमारी हुई है. जिसका कोई इलाज नहीं है.

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दाखा बाई, पति: बजरंग लाल – सुल्तानपुर

दाखा बाई 10-12 सालों से यहाँ रह रही है. पहले पंचायत के पीछे नापा रोड पर वॉर्ड नं. 11 में रहती थी. फिर सड़क के किनारे आना पड़ा, अब वहीं रह रही है. दाखा बाई के 7 बच्चे है, सभी की शादी कर दी है. पर एक बेटी, घैसी, को पति ने छोड़ दिया. उसकी दो बेटियाॅं और दाखा बाई का छोटा बेटा साथ रह रहे हैं.

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तोला बाई, पति: रामू – बून्दी

तोला बाई 25 वर्ष की महिला है जिसने दो महीने पहले एक बच्चे को जन्म दिया. उसके पैर में चोट भी लगी हुई थी. तोला बाई के तीन बच्चे हैं. उसके पास राशन कार्ड नही है. उसके पास न रहने के लिए ज़मीन है और ना उसके पास या उसके पति के पास कोई काम धंधा है. उसके पास तो सिर ढकने के लिए झोपड़ी तक नही है.

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कच्ची बस्ती, विजय सागर कॉलोनी, बिजौलिया कलाँ – भीलवाड़ा

यहाँ पर 10 सालों से लगभग 30 परिवार रह रहे थे. पूर्व सरपंच ने 5 साल पहले इन परिवारों को उस जगह को छोड़कर दूसरी जगह रहने को कहा. सभी को ज़मीन दी गयी जिसपर उन सभीने घर बनाए. परंतु इनमें से लगभग 10-12 परिवारों को ज़मीन का पट्टा नहीं दिया था.

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