प्रेस विज्ञप्ति
01.02.2016

भरतपुर मिनी सचिवालय के सामने लगा शामियाना आज सुबह जब ‘चोरिवाड़ो घनो हो गयो रे, कोई तो मुंडे बोलो!’ और ‘जवाबदेही यात्रा जवाब मांगे रे, थे बोलो क्यूँ नी रे!’ जैसे गीतों और ‘हमारा पैसा, हमारा हिसाब!’ ‘टालमटोल मत करो, लोगों के काम करो! राशन में गेहूं नहीं, जवाब दो, जवाब दो! पेंशन नियमित क्यूँ नहीं, जवाब दो, जवाब दो! जैसे नारों की स्वर लहरिओं से गुंजायमान हो रहा था तो देखने वालों की अच्छी-खासी भीड़ जमा हो गयी. मौका था जवाबदेही यात्रा के द्वारा लगाये जवाबदेही मेले का. उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को जयपुर से शुरू हुई जवाबदेही यात्रा इन दिनों अपने 20वें जिले भरतपुर में चल रही है. 100-दिवसीय राज्य स्तरीय यह यात्रा सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान राजस्थान द्वारा चलाई जा रही है जो कि राज्य भर के विभिन्न जन संगठनों का एक नेटवर्क है. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य एक
ऐसी मजबूत और जनोपयोगी जवाबदेही व्यवस्था के लिए मांग करना है जिसमें ठीक से काम न करने वाले सरकारी कर्मचारिओं पर पेनल्टी लगने, सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हुए नागरिकों को उचित मुआवजा मिलने, और भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारिओं पर कठोर कार्यवाही किये जाने के प्रावधान हों.

दर्ज हुईं विभिन्न विभागों से सम्बंधित शिकायतें पिछले तीन दिनों से भरतपुर के विभिन्न इलाकों जैसे बयाना, रूदावल, वैर, कुम्हेर, नदबई आदि में यात्रा टीम ने नागरिकों की प्रशासन से सम्बंधित शिकायतें दर्ज कीं. राशन के नियमित रूप से न मिलने, पात्र परिवारों को खाध्य सुरक्षा की सूची से बाहर कर देने, राशन वितरण में POS मशीनों की वजह से समस्याएं आने, ई-मित्र केन्द्रों पर मनमानी राशि वसूलने, नरेगा
में फर्जी हाजरीयां तथा भ्रष्टाचार, बैंकों में पेंशनधारी बुजुर्गों एवं अन्य के साथ उचित व्यवहार न होने आदि की शिकायतें शामिल थीं.

यात्रा दल ने किया सर्वेक्षण रूदावल के प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र में यात्रा टीम द्वारा एक सर्वे किया गया. इस दल के कमल टांक ने बताया कि वहां कई अनियमतताएं उन्हें देखने को मिलीं. भवन जर्जर अवस्था में था, अस्पताल में न सफाई की कोई व्यवस्था थी और न ही सफाई कर्मचारी कार्यरत थे. यहाँ मरीजों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं थी.

रूपवास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यात्रा सर्वेक्षण दल को यूँ तो सारी सुविधाएं मिलीं लेकिन यहाँ चिकित्सकों के पद रिक्त होने से मरीजों
को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अधिकारिओं से मिला प्रतिनिधि मंडल कैम्प में शिकायतें दर्ज करने के साथ ही यात्रा के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारिओं से एक मीटिंग की. इस प्रतिनिधि मंडल में सूचना एवं रोज़गार अभियान के अरुणा रॉय, निखिल डे, शंकर सिंह, पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की कविता श्रीवास्तव, सूचना अधिकार मंच जयपुर के कमल टांक, मुकेश गोस्वामी, तथा अभियान के अन्य साथी शामिल थे. प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर रवि जैन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला रसद अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

राशन सम्बन्धी शिकायतों पर यात्रा की मांग थी कि सभी राशन दुकानों पर खाध्य सुरक्षा लाभार्थिओं की सूची चस्पा की जाए साथ ही राशन की पात्रता की शर्तों को भी स्पष्ट रूप से राशन दुकानों के बाहर पेंट किया जाये. साथ ही ई-मित्र केन्द्रों पर मुहमांगी राशी वसूले जाने पर जिला कलक्टर ने कहा कि सभी ई-मित्र केंद्र संचालकों को निर्देश दिए जायेंगे कि वे विभिन्न सुविधाओं की रेट-लिस्ट अपने केन्द्रों के बाहर लगायें और ये साफ़ तौर पर लिखें कि विभिन्न सुविधाएं प्राप्त करने की निर्धारित फीस क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि अनियमितता पाए जाने पर इन संचालकों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी. साथ ही अन्य मुद्दों पर भी शीघ्र और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया.

दौसा जाएगी जवाबदेही यात्रा यात्रा से जुड़े कमल टांक ने बताया कि यात्रा देर शाम भरतपुर जिले से निकलकर अपने 21वें जिले दौसा में प्रवेश कर जाएगी. उल्लेखनीय है कि 100 दिनों में पूरे राजस्थान के सभी 33 जिलों में जाने वाली यह यात्रा पिछले 62 दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जा रही है और अब तक 20 जिलों के 100 से ज्यादा ब्लॉक्स में जा चुकी है.

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से
संपर्क – निखिल डे – 94140041809414004180, मुकेश – 946886200
कमल – 94134572929413457292
हरिओम – 94138317619413831761 अमित -0987352210

फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां