प्रेस विज्ञप्ति | 03.02.2016

जवाबदेही यात्रा ने की दौसा जिले के बांदीकुई और सिकंदरा में सभाएं, यात्रा को मिल रहा है लोगों का

जबरदस्त समर्थन

बांदीकुई, सिकंदरा, दौसा

उल्लेखनीय है कि सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान राजस्थान द्वारा 1 दिसंबर को जयपुर से शुरू की गई 100-दिवसीय राज्य-स्तरीय जवाबदेही यात्रा पिछले 65 दिन से राजस्थान के विभिन्न जिलों में जवाबदेही कानून की अलख जगाते आज के हलेना में पहुंची. हलेना के बाज़ारों में रैली निकालने के बाद यात्रा टीम ने हलेना बाज़ार तथा पंजाब नेशनल बैंक के सामने नुक्कड़ सभाएं की.

बांदीकुई में लोगों ने कहा समस्याएं सैकड़ों लेकिन समाधान नहीं होता

आज जवाबदेही यात्रा की ओर से दौसा जिले के बांदीकुई पहुंची. यात्रा की ओर से रैली निकाली और नुक्कड़ सभा की. बांदीकुई में सभा कोसंभोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह ने कहा कि आज भी गरीबों के बच्चे सरकारी स्कूल में जातें है और सरकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधियों के बच्चे प्राइवेट एवं कान्वेंट स्कूलों में जाते हैं. मोटी-मोटी तनख्वाह लेने वाले सरकारी कर्मचारी और अधिकारी काम नहीं करते हैं और उसी प्रकार सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं जबकि ट्यूशन पर अच्छे से पढ़ाते हैं क्योंकि उनकी नीयत भी ठीक नहीं है. अगर सरकारी स्कूल और अस्पतालों की दशा सुधारनी है तो सरकारी करमचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों और घरवालों को सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भेजना होगा. तभी हमारे सरकारी स्कूल और अस्पताल सुधर सकते है.

सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि हमारी ढेरों समस्याएं हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है.

सिकंदरा चौराहे पर सैकड़ों लोगों ने किया समर्थन

सिकंदरा चौराहे पर हुई नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए सूचना रोज़गार अभियान से जुड़े मुकेश गोस्वामी ने कहा कि सरकारें एक के बाद एक वेतन आयोग सरकारी कर्मचारिओं के लिए बनाती आयीं हैं. सिर्फ केंद्र सरकार ही सातवें वेंतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 1 लाख बीस हज़ार करोड़ रुपये सालाना खर्च करने वाली है तो फिर जब सभी राज्य सरकारें भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की तरह सरकारी कर्मचारिओं की तनख्वाहें बढ़ा देंगी तो सरकारी खजाने पर कितना भारी बोझ पड़ेगा. उनका कहना था कि इतनी बड़ी-बड़ी तनख्वाहें लेने वाले इन सरकारी अधिकारिओं और कर्मचारिओं की आखिर कोई तो जवाबदेही होनी चाहिए; अगर सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं और गरीब और वंचित लोगों तक उनका लाभ नहीं मिलता तो उसके लिए किसी की तो ज़िम्मेदारी तय करनी होगी और गरीब लोगों को उनका हक दिलाना होगा. के लिए ज़रूरी है कि एक पुख्ता जवाबदेही कानून लाया जाये जिसमें ये व्यवस्था हो कि रिश्वत मांगने वाले और भ्रष्टाचारी कर्मचारिओं को बर्खास्त कर जेल भेजने की व्यवस्था हो. किसानों को उनकी फसल का बाजिव मूल्य मिले और और मजदूरों की मजदूरी निर्धारित करने के लिए मजदूरी आयोग बनाया जाये.

जवाबदेही कानून की मांग को लेकर चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान को भी यहाँ उपस्थित जनता का भरपूर समर्थन मिला. उपस्थित सैकड़ों लोगों ने न सिर्फ इस कानून की मांग को अपना समर्थन दिया बल्कि यात्रा को चलाये रखने के लिए खुले मन से आर्थिक सहयोग भी दिया.

कल लगेगा दौसा में जवाबदेही मेला

अभियान से जुड़े हरिओम सोनी ने बताया कि कल गुरूवार को जवाबदेही यात्रा द्वारा दौसा जिला मुख्यालय पर एक जवाबदेही मेला लगाया जायेगा. इस मेले में न सिर्फ लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागृत किया जायेगा बल्कि उनकी प्रशासन से सम्बंधित शिकायतों को रिकॉर्ड कर उन्हें राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा अब तक 7,000 से भी ज्यादा शिकायतें इस तरह दर्ज कर चुकी है जिनके उचित निस्तारण के लिए यात्रा दल ने एक हेल्पलाइन (88904060728890406072) भी बनायीं है जिसपर शिकायत दर्ज करने वाले लोग अपनी शिकायत पर हो रही कार्यवाही के बारे में जान सकते हैं. जवाबदेही मेले के साथ-साथ यात्रा दल जिला कलक्टर तथा अन्य जिला-स्तरीय अधिकारिओं से मिलकरदौसा जिले की समस्याओं को उनके समक्ष रखेगा.

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से

संपर्क – निखिल डे – 94140041809414004180, मुकेश – 946886200

कमल – 94134572929413457292 हरिओम –94138317619413831761

अमित -0987352210409873522104