प्रेस विज्ञप्ति
16.02.2016
चुरू के सवालों का है कोई जवाब?
शासन वालों जवाब दो! जवाब दो!
चुरू, राजस्थान

सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान द्वारा पिछले 1 दिसंबर को जयपुर से शुरू
की गयी जवाबदेही यात्रा इन दिनों चुरू जिले में है. सामाजिक न्याय,
समानता, अच्छी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, मजदूरों और किसानों की बेहतरी,
आदि कई मुद्दों पर लिखे नारे; चटख रंगों में सजी कठपुतलियां और समाज के
सभी वर्गों के मिलेजुले स्वरुप में एक रैली का चित्रण, कुछ ऐसी है
100-दिवसीय राज्य स्तरीय जवाबदेही यात्रा की बस जिसे देखकर कोई भी राहगीर
एक बार को ठिठककर रूक जाता है. पिछले 78 दिनों में राज्य के 25 जिलों में
घूम घूम कर सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने की एक पुख्ता
व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से चल रही इस यात्रा में न सिर्फ राज्य
के विभिन्न जिलों बल्कि देश के कई हिस्सों से लोग जुड़े हैं.

उल्लेखनीय है कि वह सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान (राजस्थान के 100 से
भी अधिक जन-संगठनों का समूह) ही था जिसने देश में सूचना के अधिकार कानून,
2005 और महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून, 2006 को
पास कराने में अहम भूमिका निभाई थी. दिहाड़ी मजदूरी पर काम कर गुज़ारा करने
वाले लोग, बूढी एवं एकल महिलाएं, भूमिहीन व लघु कृषक, देश के नामचीन
कॉलेजों में पढने वाले विद्यार्थी और शिक्षा, स्वास्थय, आदिवासी एवं
दलितों के अधिकार और गरीब और वंचित वर्गों के हितों के लिए काम करने वाले
कार्यकर्ता, पत्रकार, बुद्धिजीवी, शिक्षक, वकील, फ़िल्मकार, आदि कई तरह के
लोग; कुछ ठेठ देहाती तो कुछ ऐसे जिन्होंने अपने जीवन में कभी कोई गाँव तक
नहीं देखा; ऐसे कई तरह के लोग इस यात्रा में कंधे से कंधे मिलाकर आगे बढ़
रहे हैं. इन सभी ने स्वेच्छा से समय निकालकर इस यात्रा में जुड़ने का
निर्णय लिया. मकसद साफ़ था – जनता के सेवक जो अब उनके शोषक बन गए हैं उन
पर लगाम लगाना. एक ऐसी व्यवस्था बनाना जिसमें आम लोगों की सुनवाई हो और
उनकी शिकायतों का समय पर निपटारा हो.

नांगल और सुजानगढ़ में उठी जवाबदेही की मांग
देश में सूचना के अधिकार, नरेगा, और अन्य कई सामाजिक मुद्दों पर दखल रखने
वाले सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे के साथ सूचना रोज़गार अभियान के कई साथी
कल नांगल के BPJD पब्लिक स्कूल एवं कॉलेज में पहुंचे. यहाँ यह देखकर बड़ा
अच्छा लगा कि आठवीं कक्षा के विद्यार्थी भी सूचना के अधिकार की महत्ता और
प्रयोग से भली-भांति परिचित थे.

सुजानगढ़ में भी समाधान राजस्थान तथा अन्य कई संगठनों के सामाजिक
कार्यकर्ता, वकील व् प्रबुद्धजनों ने यात्रा का स्वागत करते हुए जवाबदेही
कानून की मांग का समर्थन किया. उन्होंने यह भी कहा कि जवाबदेही यात्रा की
इस मुहिम में वे आगामी 10 मार्च को जयपुर में भी जुड़ेंगे साथ ही सुजानगढ़
में इसके लिए जनसमर्थन बनाने के लिए काम करेंगे. इनमें मुकेश दायमा,
त्रिलोक, कमला पारीक, कमला दोशी, विजयपाल, आदि कई लोग शामिल थे.

रतनगढ़ के बस स्टैंड पर हुई सभा
रतनगढ़ में बस स्टैंड पर आज हुई सभा को संबोधित करते हुए निखिल डे ने कहा
कि आज सरकारी तंत्र बिलकुल निरंकुश हो गया है. इतनी मोटी तनख्वाह लेने के
बाद भी सरकारी अधिकारिओं और कर्मचारिओं की कोई जवाबदेही नहीं है. जिस
प्रकार एक मजदूर के लिए काम निर्धारित होता है और काम नहीं करने पर उसे
उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है उसी प्रकार इन कर्मचारिओं और अधिकारिओं के
स्पष्ट जॉब चार्ट बने और काम नहीं करने पर इनके ऊपर जुर्माना लगाया जाये
ऐसा एक कानून राज्य सरकार द्वारा बनाया जाना चाहिए. जो लोग रिश्वत मांगे
उन्हें तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि अब हम प्रशासन
के इस ढुलमुल और टालमटोल वाले रवैये को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

इस सभा को सक्रिय संस्था देराजसर (रतनगढ़) के बजरंग जी, भंवरी बाई तथा
अन्य ने भी संबोधित किया. भंवरी बाई ने नरेगा की हालत पर चिंता व्यक्त
करते हुए कहा कि उनके यहाँ नरेगा में काम ही नहीं चलाये जाते और यदि
चलाये भी जाते हैं तो उनमें बहुत भ्रष्टाचार होता है.

उल्लेखनीय है कि जन सहयोग से चल रही इस यात्रा को हर जगह जनता का भरपूर
समर्थन मिल रहा है. अब तक हजारों लोग जवाबदेही कानून के समर्थन में चलाये
जा रहे हस्ताक्षर अभियान से जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढती जा
रही है.

चुरू जिला कलेक्ट्रेट के सामने भी एक मेला लगाकर जवाबदेही यात्रा की टीम
ने जन समर्थन हासिल किया. यहाँ रैली, नुक्कड़ नाटक, और गीतों के माध्यम से
यात्रा दल ने लोगों को यात्रा के उद्देश्यों के बारे में बताया. साथ ही
पिछले तीन दिनों में यात्रा टीम द्वारा एकत्रित शिकायतों एवं समस्याओं को
भी जिला प्रशासन से मुलाकात कर उनके सामने रखा जायेगा.

यात्रा से जुड़े कमल टांक ने बताया कि यात्रा चुरू के बाद हनुमानगढ़ जिले
की ओर बढ़ जाएगी.

फोटो –
1. रतनगढ़ में हुई सभा को संबोधित करते निखिल डे
2. चुरू जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जवाबदेही मेले में गीत की प्रस्तुति
3 एवं 4 रतनगढ़ में हुई रैली और सभा के दृश्य

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –
सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से
संपर्क – निखिल डे – 9414004180, मुकेश – 946886200
कमल – 9413457292
हरिओम – 9413831761 अमित -09873522104

फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।

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[12:03, 2/17/2016] +91 94618 44343: पत्रकारों पर हमलों के खिलाफ जीपीओ पर धरना आज

मित्रों

अपने कार्य के दौरान जान जोखिम में डालकर भी लोगों तक खबरें पहुंचाना हमारे लिए नई बात नहीं है। हम खतरों से नहीं डरते..चोटों से नहीं डरते, लेकिन अगर यह खतरे, यह हमले किसी ऐसी गहरी साजिश के तहत हों जिसका मकसद ही मात्र मीडिया की आवाज को घोंट देना हो। जिसका मकसद हो पत्रकारों के दिलों में खौफ भर देना ताकि वह सच्चाई दिखाने कि जिद छोड़ दें। तो ऐसे हमलों, ऐसी साजिश रचने वाली ताकतों के खिलाफ सिवाय एकजुट होकर आवाज उठाने के और कोई चारा नहीं रह जाता।

दो दिन पूर्व में देश की राजधानी दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में पत्रकारों को जिस तरह निशाना बनाया गया…वह एक सोची समझी साजिश का परिणाम लगता है। घटना के 36 घंटे के बाद भी पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पाई है। दिल्ली में हमारे साथियों ने एक जोरदार प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया है। हमें यह संदेश देना होगा कि वह इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। हम उनके साथ हैं। हमें यह भी समझना होगा कि जिस तरह का संगंठित पूर्वनियोजित हमला दिल्ली में पत्रकारों पर हुआ है, वह हमपर भी हो सकता है…या फिर देश में कहीं भी हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में भी पत्रकारों पर हमलों के कई मामले हाल के दिनों में हुए हैं। आप लोगों को उन घटनाओं के बारे में पता है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की घटना एक खतरनाक ट्रेंड के लगातार मजबूत होने का इशारा कर रही है। इसलिए यह मौका चुप बैठे रहने का नहीं है। आइए एकजुट होकर आवाज उठाई जाए। यह ऐलान कर दिया जाए कि हम लोग दबने वाले नहीं है।

आइए आज 17 फरवरी को हम सब लोग शाम 4 बजे जीपीओ स्थित गांधी प्रतिभा के समक्ष उपस्थित हों और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

आपका इंतजार रहेगा।।।
“प्रांशु मिश्र”
[16:29, 2/17/2016] +91 94149 35141: Yatra ke photo dalo
[17:56, 2/17/2016] +91 94618 44343: प्रेस विज्ञप्ति
17.02.2016

जवाबदेही यात्रा हनुमानगढ़ में;
सरदारशहर, पल्लू, और रावतसर में की सभाएं, मिल रहा जवाबदेही कानून के लिए
अपार समर्थन

सरदारशहर, रावतसर, पल्लू, हनुमानगढ़, राजस्थान

सरदारशहर के बस स्टैंड पर आम दिनों की तरह बसों, जीपों और अन्य वाहनों की
भीड़ लगी थी लेकिन आज दोपहर जब जवाबदेही यात्रा की बस यहाँ पहुंची तो हर
कोई इसे कौतुहल से देख रहा था. सामाजिक न्याय, समानता, अच्छी शिक्षा,
महिला सशक्तिकरण, मजदूरों और किसानों की बेहतरी, आदि कई मुद्दों पर लिखे
नारे; चटख रंगों में सजी कठपुतलियां और समाज के सभी वर्गों के मिलेजुले
स्वरुप में एक रैली का चित्रण, कुछ ऐसी है 100-दिवसीय राज्य स्तरीय
जवाबदेही यात्रा की बस जिसे देखकर कोई भी राहगीर एक बार को ठिठककर रूक
जाता है. बस स्टैंड से बाज़ार तक एक रैली निकालकर यात्रा की टीम ने यहाँ
एक सभा की.

इस सभा को संबोधित करते हुए मजदूर किसान शक्ति संगठन के वरिष्ठ
कार्यकर्ता शंकर सिंह ने कहा कि आज ज़रुरत है सवाल पूछने की और जवाब
मांगने की. उन्होंने कहा कि जो सरकारी तंत्र जनता की सेवा के लिए बनाया
गया वही आज जनता के शोषण का सबसे बड़ा कारण बन गया है. उन्होंने जोर देकर
कहा कि आखिर इतनी मोटी तनख्वाहें और अन्य सुविधाओं के बावजूद जब सरकारी
अधिकारी और कर्मचारी अपना काम ठीक से न करे और रिश्वत भी मांगे तो फिर
ऐसे में इस सरकारी तंत्र का क्या मतलब है? यात्रा के उद्देश्यों के बारे
में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक ऐसे जवाबदेही कानून की मांग
कर रही है जिसमें ठीक से न काम करने वाले कर्मचारिओं पर पेनल्टी लगे और
साथ ही भ्रष्टाचारियो पर भी ठोस कार्यवाही हो. यहाँ उपस्थित दर्जनों
लोगों ने एक स्वर में जवाबदेही कानून बनाने की मांग का समर्थन किया.

पल्लू में हुई सभा में भी जवाबदेही यात्रा द्वारा जवाबदेही कानून की मांग
के लिए चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान को जनता का भरपूर समर्थन मिला.
यहाँ हुई सभा को संबोधित करते हुए सूचना अधिकार मंच के कमल टांक ने कहा
कि आज़ादी के बाद देश को स्वतंत्रता तो मिली और साथ ही लोकतंत्र भी आया
लेकिन आज भी देश के वंचित समुदायों के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक खोखली
व्यवस्था है जिसमें वे लोग जो जनता के सेवक होने चाहिए थे वे उनके हाकिम
बने बैठे हैं. उन्होंने उपस्थित जनता का आव्हान करते हुए कहा कि अब सभी
को मिलकर सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी और इसके लिए अगर
लम्बा संघर्ष भी करना पड़े तो उसके लिए सभी को तैयार होना होगा.

उल्लेखनीय है कि सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान द्वारा चलाई जा रही इस
यात्रा का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मजबूत और जनोपयोगी जवाबदेही व्यवस्था के
लिए मांग करना है जिसमें ठीक से काम न करने वाले सरकारी कर्मचारिओं पर
पेनल्टी लगने, सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हुए नागरिकों को उचित
मुआवजा मिलने, और भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारिओं पर कठोर कार्यवाही किये
जाने के प्रावधान हों. इस कानून के मसौदे को अभियान द्वारा जनता के समक्ष
रखा जा रहा है और उनसे इस पर समर्थन भी लिया जा रहा है.

रावतसर में भी यात्रा दल ने रैली तथा नुक्कड़ सभा कर जवाबदेही कानून की इस
मुहिम के लिए समर्थन हासिल किया. आस्था संस्थान उदयपुर के श्याम लाल ने
भी यहाँ सभा को संबोधित कर लोगों से 10 मार्च को जयपुर में होने वाले
राज्य स्तरीय अधिवेशन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया.

कल हनुमानगढ़ में लगेगा जवाबदेही मेला
यात्रा से जुड़े रजत ने बताया कि कल गुरूवार को जवाबदेही यात्रा द्वारा
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर जवाबदेही मेला लगाया जायेगा. इस मेले में न
सिर्फ लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागृत किया जायेगा
बल्कि उनकी प्रशासन से सम्बंधित शिकायतों को रिकॉर्ड कर उन्हें राजस्थान
संपर्क पोर्टल पर दर्ज किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा अब
तक 7,500 से भी ज्यादा शिकायतें इस तरह दर्ज कर चुकी है जिनके उचित
निस्तारण के लिए यात्रा दल ने एक हेल्पलाइन (8890406072) भी बनायीं है
जिसपर शिकायत दर्ज करने वाले लोग अपनी शिकायत पर हो रही कार्यवाही के
बारे में जान सकते हैं साथ ही नागरिक 07676307090 नंबर पर मिस्ड कॉल कर
इस अभियान से जुड़ भी सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जवाबदेही मेले के
साथ-साथ यात्रा दल कल जिला कलक्टर तथा अन्य जिला-स्तरीय अधिकारिओं से
मिलकर जिले की समस्याओं को उनके समक्ष रखेगा.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –
सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से
संपर्क – निखिल डे – 9414004180, मुकेश – 946886200
कमल – 9413457292
हरिओम – 9413831761 अमित -09873522104

फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।