जवाबदेहि यात्रा के 75 वें दिन पहली सभा का आयोजन “खतेह्पुर” में किया गया| यहाँ के निवासी महावीर जी ने “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” आन्दोलन के बारे में बताया गया |जिसमे 42 परिवारों को सम्मानित किया गया जिनके बेटियां ही थी व उनको सरकार द्वारा मिलने वाले वाले लाभ प्रदान किये गये |इसी प्रकार 12 जनवरी को अस्पताल में जाकर बेटियों को जन्म देने वाली माँ को भीं सम्मानित किया गया |

पूर्व सरपंच सरोज जी ने बताया की महिलाओं ने बेटी बचाओ आन्दोलन को पूर्ण सहयोग दिया और घूँघट प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई पर इस पर आज तक महिलाओं को पूरा अधिकार नही दिया गया है |मोहन जी द्वारा बेटियों ले लिए गाना गाया ( बेटी हूँ मै बेटी मै तारा बनूंगी )

सूचना रोज़गार अभियान के मुकेश गोस्वामी ने कहा कि सरकारें एक के बाद एक वेतन आयोग सरकारी कर्मचारिओं के लिए बनाती आयीं हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ केंद्र सरकार ही सातवें वेंतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 1 लाख बीस हज़ार करोड़ रुपये सालाना खर्च करने वाली है तो फिर जब सभी राज्य सरकारें भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की तरह सरकारी कर्मचारिओं की तनख्वाहें बढ़ा देंगी तो सरकारी खजाने पर कितना भारी बोझ पड़ेगा. उनका कहना था कि इतनी बड़ी-बड़ी तनख्वाहें लेने वाले इन सरकारी अधिकारिओं और कर्मचारिओं की आखिर कोई तो जवाबदेही होनी चाहिए|

इसी प्रकार बेटियां हैं अनमोल सभा को संबोधित करते हुए निखिल डे ने कहा कि हम इस गाँव द्वारा चलायी गयी ‘बेटी बचाओ’ की मुहिम को सलाम करते हैं और इस मुहिम को हम पूरे राजस्थान तथा देश के अन्य क्षेत्रों में भी एक मिसाल की तरह ले जायेंगे. उन्होंने खतेहपुरा की महिलाओं को महिला हिंसा के खिलाफ चलाये जा रहे अंतर्राष्ट्रीय प्रयास ‘वन बिलियन राईजिंग’ (उमड़ते सौ करोड़) से जुड़कर महिला हिंसा को ख़त्म करने की ओर बढ़ने का आव्हान किया |

इन्दाली के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में सुविधाओं की कमी यात्रा के सर्वेक्षण दल की अस्वती वरिएर ने बताया कि इन्दाली के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र को 2013 में उप-स्वास्थय केंद्र से क्रमोन्नत किया गया था लेकिन आज भी यह उसी भवन में चल रहा है और यहाँ चिकित्सक के लिए एक कमरे के अला सिर्फ एक ही कमरा और है जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्यूंकि ससाधनों के आभाव में न तो यहाँ ऑपरेशन होते हैं और न ही मरीजों को भर्ती किया जाता है|

करमाड़ी (झुंझुनू )

करमाडी में यात्रा की दूसरी सभा रखी गयी जिसमें मुकेश जी द्वारा जवाबदेही यात्रा के कानून की मांग के बारे में बताया गया तथा यहाँ के निवासियों द्वारा अर्थात किसानो द्वारा चारे पर सब्सिडी की मांग की गयी |

रामकुमारपुरा (झुंझुनू)

रामकुमारपुरा में तीसरी सभा का आयोजन किया गया जिसमे वहां के निवासी कैलाश जी द्वारा वहां की गंभीर समस्याओं के बारे में बताया जिनमें-

1. अवैध खनन के कारण पिछले पांच साल से हरियाली खेत –खलियान नष्ट हो गये है |
2. गाँव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है| कोई बीमार हो जाता है तो अस्पताल जाने को कोई साधन
3. पशुओ के लिए कोई सुविधा नहीं है |
4. पीने के पानी गंभीर समस्या है पीने को पानी नहीं है और जो है वो बहुत खारा है |
5. शिक्षा का कोई संस्थान नहीं |
6. अवैध ब्लास्टिंग के कारण सभी बीमार |
7. खाद्य सुरक्षा की सामग्री नही मिल रही व पेंशन भी नही दी जा रही है |
8. अवैध ब्लास्टिंग के कारण मकानों में दरारे तथा सभी घर गिरने की तकार में | नहीं |

इसी प्रकार इस सभा के अंत में निखिल डे द्वारा बताया गया स्कूल के पीछे अवैध ब्लास्टिंग हो रही है परन्तु कोई सुनाई नहीं |  खेतडी (झुंझुनू)

खेतडी में अंतिम सभा का आयोजन किया गया जहाँ सभा में वहां के निवासी कालीचरण जी ने बताया कि –
1. जयपुर के बाद यहाँ का अस्पताल दुसरे नंबर का हुआ करता था पर आज यहाँ कोई इलाज नही |
2. यहाँ के बच्चे आई.एस. अधिकारी हुआ करते थे पर आज यहाँ कोई सरकारी स्कूल नही|
3. यहाँ रोड के दोनों ओर नीम के पेड़ हुआ करते थे पर वो सब अब काट दिए गयें है|
4. यहाँ पर नदियां हुआ करती थी पर आज पानी की इतनी समस्या है कि सात –सात दिन तक पानी
नहीं आता है |अतः वहां के निवासी का अंत में कहना था कि इतना भ्रष्टाचार हो रहा है तो अब चपरासी से लेकर आई एस अधिकारी तक पूरी जांच की जानी चाहिए और एक जवाबदेहि होनी ही चाहिए |