मौसम सर्द था, धुंध और ओस ने एक सफ़ेद लिबास में सब कुछ ढक दिया था, इंसान तो क्या जानवर भी इस सर्दी में दुबके बैठे थे लेकिन फिर भी अल सुबह 507 हेड के उरमूल सेतु संस्थान के नज़दीक बस्ती में जवाबदेही यात्रा का दल अपनी तख्तिओं, बैनर, और नारों के साथ अपनी बात लेकर पहुँच गया था. नुक्कड़ नाटक, गीतों और नारों से यहाँ जवाबदेही यात्रा के दल ने समां बांध दिया और उपस्थित लोगों ने भी उनकी बातों से सहमति जताते हुए जवाबदेही की एक पुख्ता व्यवस्था कायम करने की मांग को पूरा समर्थन दिया.

आखिर क्यों इतनी प्रतिबद्धता और कर्मठता से सूचना एवं रोज़गार अभियान की जवाबदेही यात्रा के ये लोग पूरे राजस्थान में घूम रहे हैं? इस सवाल का जवाब दिया सभा को संबोधित करने वाले यात्रा के समन्वयक और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह ने जो कि पिछले 1 दिसंबर से लगातार इस यात्रा के साथ रहे हैं. उन्होंने कहा कि, “आखिर ऐसा क्या है जिसकी हम सरकार से उम्मीद करते हैं? यही कि गरीब लोगों को राशन वक़्त पर और पूरा मिले; बुढ़ापे, विकलांगता और विधवा पेंशन आदि पाने वाले लोगों को ठीक से और समय पर उनकी पेंशन मिले; यही कि नरेगा में काम मिले और समय से अपने काम के अनुसार मजदूरी मिले; यही कि सरकारी अस्पताल और स्कूल ठीक से चले और इनका फायदा आम जनता को मिले. लेकिन जब ये नहीं होता तो एक आम आदमी के लिए इस सरकारी व्यवस्था का मतलब क्या है? आज यदि एक नागरिक अपने छोटे से काम के लिए किसी सरकारी दफ्तर में जाता है तो वहां सिर्फ उसका शोषण होता है, काम नहीं होता. उन्होंने कहा कि एक-एक सिपाही जो इस जवाबदेही यात्रा में चल रहा है वो यह जानता है कि जिस व्यवस्था की हम बात कर रहे हैं वो आम आदमी के भले के लिए है और यही वजह है कि राज्य और यहाँ तक कि देश के कई कोनों से लोग इस यात्रा में जुड़ रहे हैं.”

उल्लेखनीय है कि सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान द्वारा चलाई जा रही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मजबूत और जनोपयोगी जवाबदेही व्यवस्था के लिए मांग करना है जिसमें ठीक से काम न करने वाले सरकारी कर्मचारिओं पर पेनल्टी लगने, सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हुए नागरिकों को उचित मुआवजा मिलने, और भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारिओं पर कठोर कार्यवाही किये जाने के प्रावधान हों. इस कानून के मसौदे को अभियान द्वारा जनता के समक्ष रखा जा रहा है और उनसे इस पर समर्थन भी लिया जा रहा है.

उरमूल सेतु संस्थान के आसू सिंह ने भी इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर जवाबदेही की इस मुहिम में जुड़ने के लिए उनका आह्वान किया.

लूनकरणसर में भी की सभा लूनकरणसर के हनुमान मंदिर के समीप यात्रा द्वारा आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए उरमूल ज्योति संस्थान नोखा के मोहन सिंह ने यात्रा के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारी मांग है किजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के स्पष्ट जॉब चार्ट बनें और निर्धारित समय में काम नहीं करने पर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारिओं पर जुर्माना लगे। साथ ही यदि लोगों का काम निर्धारित समय में नहीं हो तोएवज में जनता को मुआवजा मिले और भ्रष्टाचार करने, रिश्वत मांगने पर स्वतंत्र एजेन्सी द्वारा जांच की जाये और दोषी पाए जाने पर उन्हे नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजा जाये।

कालू और डूंगरगढ़ में भी जुटाया समर्थन यात्रा दल ने कालू और डूंगर गढ़ में भी रैलिओं तथा नुक्कड़ सभा द्वारा जवाबदेही की एक पुख्ता व्यवस्था के लिए समर्थन जुटाया. उल्लेखनीय है कि अब तक हजारों लोग जवाबदेही यात्रा के लिए चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान को समर्थन दे चुके हैं. जन सहयोग से चलाई जा रही यह यात्रा नुक्कड़ सभाओं से अब तक एक लाख से भी ज्यादा की राशि जुटा चुकी है जो कि इस यात्रा को चलाये रखने में काम आ रही है.

नोखा जाएगी जवाबदेही यात्रा यात्रा से जुड़े कमल टांक ने बताया कि यात्रा देर शाम डूंगरगढ़ से निकलकर नोखा की ओर प्रस्थान कर जाएगी. उल्लेखनीय है कि 100 दिनों में पूरे राजस्थान के सभी 33 जिलों में जाने वाली यह यात्रा पिछले 83 दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जा रही है और अब तक 27 जिलों के 160 से ज्यादा ब्लॉक्स में जा चुकी है. यात्रा से जुड़े रजत ने बताया कि इस अभियान से जुड़ने के लिए नागरिक 7676307090 नंबर पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं.

फोटो –

1. कालू में यात्रा की रैली

2. कालू की सभा में उपस्थित नागरिक

3 एवं 4 – 507 हेड में हुई नुक्कड़ सभा के दृश्य

5 एवं 6 – लूनकरणसर में हुई रैली और सभा के दृश्य

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से

संपर्क – निखिल डे – 9414004180, मुकेश – 946886200

कमल – 9413457292

हरिओम – 9413831761 अमित -09873522104
फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।

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!!!!!”एक नजर ऐसी भी”!!!!!!
मै 17 वर्षिय एक नोजवान हु जो की जबावदेही यात्रा मे जयपुर से जुङा जिस समय यात्रा का शुभारम्भ हुआ था ओर जालोर तक रहा इसमे मैने कई प्रकार का अनुभव किया शुरूआत मे ढोल वादन वगैरह अच्छा नही लगता था ओर यात्रा क्या है यह भी समज नही आ रहा था लेकीन धीरे धीरे मैने इसे गहराई से लेना शुरू किया तब पता चला की यह तो एक सघर्ष है! अपने खुद के लिय अपने देश के लिये एक अधिकार की मागं है देवङूगरी एम के एस एस कार्यालय पर कार्यक्रताओ की कहानी सुनी तो मै आचर्य चकित रह गया था हम कुछ हम लोग है कुछ ओर लोग है कुछ पुरा राजस्थान है इस प्रकार मुजे विशवास है इस अभियान से एक मजबुत कानुन बनेगा इस प्रकार हम वोटसएप पर “जिन्दाबाद” शब्द लिखते है उसको एक बार गहराई से लेकर लिखेगे तो ओर अच्छा लगेगा यह शब्द एक अन्तिम आदमी मे एक नई आशा का संचार करता है!!!! इसके साथ मै इस ग्रुप मे शुरूआत से हू लेकीन मैने यह सन्देश इसलिये लिखा क्यूकी आज मैने “ङायमंङ इण्ङिया” नामक पुस्तक पढी जिसमे सुचना का अधिकार लेख पर विशेष लिखा था उसे पढकर ऐसा लगा हा वास्तव मे कितना सघर्ष हुआ था इस अधिकार के लिये ओर आज हम ऐसे ही एक ओर अधिकार की मांग के लिय सघर्ष करे रहे है जिसमे कई विरोध तो कई प्यार मिल रहा है इसलिये मे यात्रा से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सभी जोङु हुये महानुभावो को सलाम करता हू।।।

इस सघर्ष का जो रूप मैने अनुभव किया है आशा है ऐसी ही एक अलख आपने पुरे राजस्थान मे जगाई है जो पुरे देश मे जगेगी ओर हमे एक लोकतन्त्र का नया अधिकार मुलेगा।।।।
इसी आशा के साथ ” जिन्दाबाद जिन्दाबाद”
आपका