किसी का खाध्य सुरक्षा की सूची से नाम कट गया है तो किसी को कई महीनों से पेंशन नहीं मिली है. किसी को अपनी ज़मीन के पट्टे नहीं मिले हैं तो कोई नरेगा में काम से वंचित है. बहुत से कालबेलिया परिवार हैं जिन्हें अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं तो कई बाढ़ विस्थापित लोग आज भी बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. ऐसे कितने ही मामले आज यहाँ कलेक्ट्रेट के सामने लगे जवाबदेही मेले में देखने को मिले. उल्लेखनीय है कि सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान राजस्थान ने पिछले 1 दिसंबर को जयपुर से एक जवाबदेही यात्रा की शुरुआत की थी. सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले एक प्रभावी कानून की मांग को लेकर चल रही यह यात्रा अब तक 29 जिलों में जा चुकी है और बाड़मेर इस यात्रा का तीसवां जिला है. यात्रा से जुड़े शंकर सिंह ने बताया कि यात्रा राजस्थान के सभी 33 जिलों में जाएगी और 10 मार्च, 2016 को जयपुर में एक राज्य-स्तरीय अधिवेशन के साथ इस यात्रा का समापन होगा.

जवाबदेही के लिए होना होगा लामबंद

कलेक्ट्रेट के सामने हुई एक सभा को संबोधित करते हुए सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान के निखिल डे ने इस अवसर पर कहा कि आज़ादी मिलने और एक संवैधानिक लोकतंत्र के देश में आने के बावजूद आज भी गरीब और वंचित लोगों को अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है. उन्होंने कहा कि जो सरकारी तंत्र लोगों की मदद करने के लिए बना था वही आज लोगों के शोषण का कारण बन गया है. उपस्थित जनता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अब एक ऐसा कानून बनाने के लिए हमें संघर्ष करना होगा जिसमें सरकारी अधिकारिओं और कर्मचारिओं के रिश्वत मांगने या भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने पर उन पर ठोस कार्यवाही का प्रावधान हो, साथ ही सभी सरकारी कर्मचारिओं के काम के स्पष्ट जॉब-चार्ट भी बनें और यदि जनता को सरकारी तंत्र की अकर्मण्यता की वजह से अपने हक न मिलें तो उन्हें उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारें अब जनता के सवालों को ख़ामोशी से टाल नहीं सकती, इस जवाबदेही कानून की मांग को अब सरकार को पूरा करना ही होगा.

सामने आईं कई समस्याएं

लांगा, मांगनियार, कालबेलिया, मेघवाल, मरासी, तथा अन्य कई हाशिये पर धकेले समुदायों के 200 से ज्यादा लोग आज जवाबदेही मेले में अपनी समस्याएं लेकर आये. कोटडा के शिव ब्लॉक में कई मांगनियार परिवार 2006 में आई बाढ़ से विस्थापित हो गए थे. उन्हें हालांकि पुनर्स्थापित तो किया गया लेकिन आज भी पानी, बिजली, सड़क जैसे बुनियादी सुविधाओं से ये महरूम हैं. कलाकार कॉलोनी बाड़मेर के बाशिंदों को भी भूमि के अलोटमेंट नहीं हुए है. साथ ही कालबेलिया परिवारों के कई लोग सिर्फ इसलिए सरकारी सुविधाओं, छात्रवृत्ति आदि का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं क्योंकि उन्हें अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे हैं. धनाऊ में रहने वाले कई शरणार्थी परिवार पिछले 50 साल से यहाँ रह रहे हैं लेकिन इन्हें अब तक पट्टे नहीं मिले हैं. यहाँ आबादी भूमि नहीं होने के करण परिवारों को जैसलमेर और बीकानेर में भूमि के अलोटमेंट हुए जोकि उनके काम नहीं आ पा रहे हैं. भारी मात्रा में आई इन समस्याओं को देखकर यात्रा दल ने प्रशासन से मांग की कि एक विशेष अभियान चलाकर इन वंचित समुदायों की समस्याओं को सुलझाया जाये.

दर्ज हुईं विभिन्न विभागों से सम्बंधित शिकायतें

कलेक्ट्रेट के सामने लगे जवाबदेही कैम्प में यात्रा टीम ने नागरिकों की प्रशासन से सम्बंधित शिकायतें दर्ज कीं. राशन के नियमित रूप से न मिलने, पात्र परिवारों को खाध्य सुरक्षा की सूची से बाहर कर देने, पेंशन के कई महीनों से न मिलने, ज़मीनों के पट्टे न मिलने, ई-मित्र केन्द्रों पर मनमानी राशि वसूलने, नरेगा में फर्जी हाजरीयां तथा भ्रष्टाचार, बैंकों में पेंशनधारी बुजुर्गों एवं अन्य के साथ उचित व्यवहार न होने आदि की शिकायतें शामिल थीं.

अधिकारिओं से मिला प्रतिनिधि मंडल

कैम्प में शिकायतें दर्ज करने के साथ ही यात्रा के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारिओं से एक मीटिंग की. इस प्रतिनिधि मंडल में सूचना एवं रोज़गार अभियान के निखिल डे, शंकर सिंह, डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के शिशिर, उन्नति संस्थान के तोलाराम, एस डब्ल्यू आर सी धनाऊ के भूराराम, सूचना अधिकार कार्यकर्ता मंगलाराम, सूचना अधिकार मंच जयपुर के कमल टांक, तथा अभियान के अन्य साथी शामिल थे. प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर सुधीर शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर, जिला रसद अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, सूचना तकनीकी विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

अधिकारिओं ने दिए कई आदेश

राशन सम्बन्धी शिकायतों पर यात्रा की मांग थी कि सभी राशन दुकानों पर खाध्य सुरक्षा लाभार्थिओं की सूची चस्पा की जाए साथ ही राशन की पात्रता की शर्तों को भी स्पष्ट रूप से राशन दुकानों के बाहर पेंट किया जाये. साथ ही ई-मित्र केन्द्रों पर मुहमांगी राशी वसूले जाने पर जिला कलक्टर ने कहा कि सभी ई-मित्र केंद्र संचालकों को निर्देश दिए जायेंगे कि वे विभिन्न सुविधाओं की रेट-लिस्ट अपने केन्द्रों के बाहर लगायें और ये साफ़ तौर पर लिखें कि विभिन्न सुविधाएं प्राप्त करने की निर्धारित फीस क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि अनियमितता पाए जाने पर इन संचालकों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी. यात्रा दल की मांग थी कि कलाकारों की विशेष समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने के लिए एक विशेष संवाद हर तिमाही को प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाये. साथ ही अन्य मुद्दों पर भी शीघ्र और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया.

उल्लेखनीय है कि जन सहयोग से चल रही इस यात्रा को हर जगह जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है. अब तक हजारों लोग जवाबदेही कानून के समर्थन में चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान से जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढती जा रही है. इस अभियान से जुड़ने के लिए नागरिक76763070907676307090 नंबर पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से

संपर्क – निखिल डे – 94140041809414004180, मुकेश – 946886200

कमल – 94134572929413457292

हरिओम – 94138317619413831761 अमित -0987352210409873522104

फिरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।

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प्रेस विज्ञप्ति
27.02.2016

सरकारी तंत्र की जवाबदेही मांगती इन दिनों बाड़मेर में;
चौहटन, धनाऊ, बायतु आदि इलाकों में की सभाएं, जुटाया समर्थन

चौहटन, धनाऊ, बायतु, बाड़मेर, राजस्थान

100-दिवसीय राज्य स्तरीय जवाबदेही यात्रा ने आज अपने 89वें दिन बाड़मेर के
चौहटन, धनाऊ, बायतु आदि क्षेत्रों में रैलिओं, नुक्कड़ सभाओं, आदि के
माध्यम से लोगों को सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक
कानून बनाने की मांग के लिए लामबंद किया.

चौहटन में हुई सभा को संबोधित करते हुए सूचना रोज़गार अभियान के शंकर सिंह
ने कहा कि आखिर हम सरकार किसलिए बनाते हैं? क्यों सरकारी अधिकारिओं और
कर्मचारिओं को तनख्वाह और तमाम सुविधाएं दी जाती है इसीलिए कि आम जनता का
जीवन सुगम बने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए मूलभूत सुविधाएं
मिलें लेकिन आज व्यवस्था में बैठे लोग जनता का शोषण करने में लगे हुए
हैं. उन्होंने कहा कि मोटी तनख्वाहें पाने वाले सरकारी अधिकारी और
कर्मचारी या फिर जनता की सेवा के नाम पर जन-प्रतिनिधि बने लोग इन सबकी
जनता के प्रति क्या जवाबदेही है ये सबसे बड़ा सवाल है और इसी सवाल का जवाब
ढूंढते हुए पिछले 89 दिनों से राजस्थान के सभी जिलों में जवाबदेही यात्रा
घूम रही है और लोगों से जवाबदेही कानून के लिए समर्थन ले रही है.

डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के शिशिर पुरोहित ने सभी उपस्थित लोगों को
यात्रा से जुड़ने और अपनी प्रशासन से सम्बंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए
आमंत्रित किया. उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा अब तक 8,000 से भी ज्यादा
शिकायतें इस तरह दर्ज कर चुकी है जिनके उचित निस्तारण के लिए यात्रा दल
ने एक हेल्पलाइन (88904060728890406072) भी बनायीं है जिसपर शिकायत दर्ज करने वाले
लोग अपनी शिकायत पर हो रही कार्यवाही के बारे में जान सकते हैं.

धनाऊ में भी यात्रा दल ने एक रैली निकालकर तहसील कार्यालय के सामने सभा
की. इस सभा में एकल नारी शक्ति संगठन, सामाजिक कार्य एवं अनुसन्धान
केंद्र, धनाऊ, कालबेलिया समाज, तथा अन्य कई वंचित समुदायों के 200 से भी
अधिक लोग एकत्रित हुए. सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्य एवं
अनुसन्धान केंद्र, धनाऊ के दौलतराम ने यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि
सरकारी तंत्र की जवाबदेही सुनश्चित करने के लिए चलाई जा रही यह
100-दिवसीय यात्रा निश्चय ही एतिहासिक है और लोकतंत्र को सशक्त करने वाली
इस यात्रा मं राज्य के विभिन्न हिस्सों से जो लोग इस यात्रा में जुड़े हैं
वे निश्चय ही बधाई के पात्र हैं.

सूचना अधिकार मंच के कमल टांक ने जवाबदेही यात्रा के महत्व को रेखांकित
करते हुए कहा कि आज सरकारी तंत्र बिलकुल निरंकुश हो गया है. इतनी मोटी
तनख्वाह लेने के बाद भी सरकारी अधिकारिओं और कर्मचारिओं की कोई जवाबदेही
नहीं है. जिस प्रकार एक मजदूर के लिए काम निर्धारित होता है और काम नहीं
करने पर उसे उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है उसी प्रकार इन कर्मचारिओं और
अधिकारिओं के स्पष्ट जॉब चार्ट बने और काम नहीं करने पर इनके ऊपर
जुर्माना लगाया जाये ऐसा एक कानून राज्य सरकार द्वारा बनाया जाना चाहिए.
जो लोग रिश्वत मांगे उन्हें तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने
कहा कि अब हम प्रशासन के इस ढुलमुल और टालमटोल वाले रवैये को बर्दाश्त
नहीं करेंगे.
उन्नति संस्थान के तोलाराम ने भी इस सभा को संबोधित किया और कहा कि लोग
राशन, पेंशन, नरेगा और अन्य कई प्रकार की शिकायतों से पीड़ित हैं और ये
सरकारी कर्मचारी और अधिकारी इतनी मोटी तनख्वाह लेने के बाद भी काम नहीं
करते हैं इसलिए इनकी जवाबदेही तय हो और काम नहीं करने पर इन पर जुर्माना
लगाया जाये और पीड़ितों को मुआवजा मिले. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर
जनता की सेवा करने वाले लोग अपने काम से जी चुराते हैं तो फिर हमें
उन्हें ठीक से काम करने को बाध्य भी करना होगा अन्यथा उन्हें अपने पद और
कुर्सियां छोडनी होंगी.

क्या हैं जवाबदेही कानून के प्रावधान
सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान द्वारा चलाई जा रही इस यात्रा का मुख्य
उद्देश्य एक ऐसी मजबूत और जनोपयोगी जवाबदेही व्यवस्था के लिए मांग करना
है जिसमें ठीक से काम न करने वाले सरकारी कर्मचारिओं पर पेनल्टी लगने,
सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हुए नागरिकों को उचित मुआवजा मिलने, और
भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारिओं पर कठोर कार्यवाही किये जाने के प्रावधान
हों.

यात्रा से जुड़े रजत कुमार ने बताया कि यात्रा कल बालोतरा, पाटौदी,
कल्यानपुर आदि इलाकों में जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि नागरिक
76763070907676307090 नंबर पर मिस्ड कॉल कर इस अभियान से जुड़ भी सकते हैं.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –
सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से
संपर्क – निखिल डे – 94140041809414004180, मुकेश – 94688622009468862200
कमल – 94134572929413457292
हरिओम – 94138317619413831761 अमित -0987352210409873522104

फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।
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प्रेस विज्ञप्ति

28.02.2016

जवाबदेही यात्रा ने पूरे किये 90 दिन; यात्रा चल रही इन दिनों बाड़मेर में

पाटोदी, बालोतरा, कल्याणपुर में की सभाएं; जुटाया जवाबदेही कानून के लिए समर्थन

पाटोदी, बालोतरा, कल्याणपुर, बाड़मेर, राजस्थान

पाटोदी के पंचायत समिति कार्यालय से जब ढोल बजाते और नारे लगाते जवाबदेही यात्रा की रैली निकली तो देखने वालों का ताँता लग गया. मुख्य बाज़ार में हुई सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह ने कहा कि आज ज़रुरत है सवाल पूछने की और जवाब मांगने की. उन्होंने कहा कि जो सरकारी तंत्र जनता की सेवा के लिए बनाया गया वही आज जनता के शोषण का सबसे बड़ा कारण बन गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिर इतनी मोटी तनख्वाहें और अन्य सुविधाओं के बावजूद जब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपना काम ठीक से न करे और रिश्वत भी मांगे तो फिर ऐसे में इस सरकारी तंत्र का क्या मतलब है? यात्रा के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक ऐसे जवाबदेही कानून की मांग कर रही है जिसमें ठीक से न काम करने वाले कर्मचारिओं पर पेनल्टी लगे और साथ ही भ्रष्टाचारियो पर भी ठोस कार्यवाही हो. यहाँ उपस्थित लोगों ने एक स्वर में जवाबदेही कानून बनाने की मांग का समर्थन किया.

उन्नति संस्थान की स्वप्नी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज ज़रुरत है सवाल पूछने की, जवाब मांगने की और अपने हकों के लिए आवाज़ उठाने की. उन्होंने कहा कि जब तक हम विभिन्न सरकारी योजनाओं की जन निगरानी और सरकारी तंत्र के क्रियान्वयन में आम जनता की भागीदारी बढाने के लिए आगे नहीं आयेंगे तब तक लोकतंत्र को सही मायनों में स्थापित करना संभव नहीं है. उन्होंने जवाबदेही कानून की महत्ता पर जोर डालते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतें सुलझाने और नौकरशाही को चुस्त और संवेदनशील बनाने में जवाबदेही कानून की अहम भूमिका होगी.

बालोतरा में जवाबदेही यात्रा का स्वागत

बालोतरा में नगर परिषद के समीप जय भीम संस्थान के सुरेश बोस तथा मेघवाल नवयुवक मंडल से जुड़े दर्ज़नों नवयुवकों ने गर्मजोशी से यात्रिओं का स्वागत किया. इस अवसर पर सूचना रोज़गार अभियान के शंकर सिंह, कमल टांक तथा अन्य ने डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति का माल्यार्पण कर उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया.

भोजन के अधिकार अभियान, दिल्ली से आये अविनाश ने भी यहाँ हुई सभा को सबोधित किया. उन्होंने कहा कि यह बहुत ही चिंताजनक है कि अब तक यात्रा द्वारा दर्ज की शिकायतों में आधी से भी ज्यादा राशन और पेंशन से जुडी हुई हैं. उन्होंने कहा कि एक ओर तो हमें बताया जाता है कि देश निरंतर प्रगति के सोपान चढ़ रहा है और दूसरी ओर आज भी देश में भुखमरी और लाचारी से लाखों लोग पीड़ित हैं. उन्होंने सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ये गरीब और वंचित लोग ही थे जिन्होंने अपने सघर्ष से सूचना के अधिकार, नरेगा, और खाध्य सुरक्षा जैसे कानूनों को बनाने में अहम भूमिका निभाई लेकिन आज भी नौकरशाही का व्यवहार जनता के प्रति बदला नहीं है.

पाटोदी का सामुदायिक स्वास्थय केंद्र है बीमार

यात्रा के सर्वेक्षण दल के रजत ने बताया कि इस स्वास्थय केंद्र को 2013 में क्रमोन्नत तो कर दिया गया था लेकिन यहाँ पांच स्वीकृत पदों के बनिस्पत सिर्फ एक ही चिकित्सक कार्यरत है. साथ ही यहाँ एक ही ए एन एम कार्यरत है. नियमनुसार तो यहाँ 12 बेड्स होने चाहिए लेकिन अभी भी यहाँ सिर्फ 6 ही बेड हैं. यहाँ फार्मासिस्ट भी नियुक्त नहीं है जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

यात्रा से जुड़े रजत कुमार ने बताया कि यात्रा कल शेरगढ़, बालेसर तथा जोशपूर के अन्य इलाकों में जाएगी. उल्लेखनीय है कि यह यात्रा पिछले तीन महीनों से अनवरत चल रही है और अब तक राजस्थान के 30 जिलों में जा चुकी है. नागरिक 76763070907676307090 नंबर पर मिस्ड कॉल कर इस अभियान से जुड़ भी सकते हैं.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, राजस्थान की ओर से

संपर्क – निखिल डे – 94140041809414004180, मुकेश – 94688622009468862200

कमल – 94134572929413457292

हरिओम – 94138317619413831761 अमित -0987352210409873522104

फ़िरोज़ खान
मीडिया कॉडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।

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अरर म्हांरी मजदूरी घट जावे रे कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै

दुगुनी बढगी तीगुनी बढ गी ओर बढेला भारी वेतन सातंवो लगावें रै कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै

सो रूपया की मजदूरी में नरेगा में जाऊं । खोद चोकङी पूरी करके तबही में घर आऊं मांके पेलन्टी लगावें रे कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै ।

अरर माकीं मजदूरी घट जावे रे कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै

जिदांबाद साथीयो

हारे बोलो क्युं नी रै साथीङा थारो मोको आयो रे बोलो क्युं नी रै हारे बोलो क्युं नी रै हारे बोलो क्युं नी रै

बैंक में बैठोङो बाबु मूङो घणो फाङै रे, मूङो तो फाङै ओ कङवी बांता करे रे आ तो लूटम लूट मचावे रे कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै,

मजदूरों की मजदूरी घटती घटती जावे रै, कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै, म्हारो परिवार दुख पावे रे, कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै ।

सरकारी स्कूलों माय मास्टर मोङो आवे रे, मोङो घणो आवे ओतो पाछो वैगो जावे रे, ,आपरे टाबरीयो नो आतो प्राईवेट में पढवा भैजै रे, , आगॅनबाङी रो दलीयो आतो आपरी भैंस नो सारे रे आतो आतो भ्रष्टाचार चलावे रे कर्मचारीयो की तनखा देखो बढती जावे रै ।

पटवार घर में पटवारी तो मोङो घणो आवे रे
रिश्वत री ताकत सू ओतो फर्जी पटा देवे रे
ओतो आतंकवाद मचावे रे कर्मचारीयो की तनखा देखो
बढती जावे रै ।